Chhattisgarh River GK in Hindi छत्तीसगढ़ नदियां से सम्बंधित एग्जाम में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर CG River GK के ऐसे प्रश्न जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे CGPSC, Vyapam, पुलिस भर्ती जैसी सभी EXAM में बार बार पूछे जाते हैं
निचे में प्रेक्टिस सेट दिया गया है जो प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते है
Chhattisgarh Nadi Samanya Gyan
छत्तीसगढ़ की जीवन रेखा यहाँ प्रवाहित होने वाली नदियाँ हैं, जिनके किनारे यहाँ की अधिकांश जनसंख्या निवास करती है। राज्य में मुख्य रूप से चार प्रकार के अपवाह तंत्र का विकास हुआ है । ये हैं— महानदी अपवाह तंत्र, गोदावरी अपवाह तंत्र, नर्मदा अपवाह तंत्र एवं गंगा अपवाह तंत्र । राज्य की इन 4 मुख्य अपवाह तंत्रों में से नर्मदा अपवाह तंत्र को छोड़कर शेष सभी बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है। छत्तीसगढ़ प्रदेश का 75 प्रतिशत भाग महानदी कछार एवं शेष 25 प्रतिशत भाग गंगा, गोदावरी एवं नर्मदा कछार में स्थित है। छत्तीसगढ़ प्रदेश अनेक नदियों का उद्गम स्थल भी है।
A. महानदी अपवाह तंत्र : इस अपवाह तंत्र में महानदी प्रमुख नदी है। प्रदेश में इसका अपवाह क्षेत्र मुख्यतः कवर्धा (कबीरधाम), दुर्ग, जांजगीर-चांपा, रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा, बलौदाबाजार, गरियाबंद, मुंगेली, कोरबा धमतरी, महासमुंद, जशपुर, कोरिया तथा कांकेर जिलों में है। महानदी का विकास पूर्ण रूप से स्थलखण्ड के ढाल के स्वभाव के अनुसार हुआ है। अतः यह एक स्वाभावोद्भुत जलधारा है। चूँकि यह अपनी ही प्रमुख घाटी में प्रारम्भिक ढाल के अनुरूप पूर्व की ओर प्रवाहित होती है अतः यह प्रधान अनुवर्ती जलधारा है। प्रदेश के सीमान्त उच्च भूमि से निकलने वाली महानदी की अन्य सहायक नदियाँ केन्द्रीय मैदान की ओर प्रवाहित होती हुई महानदी में समकोण पर मिलकर अपने जल संचय के लिए विवश है। अतः ये सभी 92 छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान परवर्ती जलधाराएँ हैं । इन परिस्थितियों ने प्रदेश में पादपाकार अपवाह तंत्र के विकास में सहायता प्रदान की है । महानदी अपवाह तंत्र की प्रमुख नदियाँ इस प्रकार हैं-
1. महानदी : महानदी का प्राचीन नाम चित्रोत्पला है । यह छत्तीसगढ़ की सर्वाधिक महत्वपूर्ण नदी है । इसे छत्तीसगढ़ की जीवन रेखा, छत्तीसगढ़ की गंगा आदि उपनामों से जाना जाता है। इस नदी की कुल लम्बाई लगभग 851 किमी है, जिसमें उन्नाव किमी छत्तीसगढ़ में है । इस नदी का उद्गम धमतरी जिले के सिहावा तहसील में स्थित लीलागर, अरपा, तांदुला, खारून आदि इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं । राजिम और शृंगी पर्वत से है । शिवनाथ, हसदो, बोरोई, मांड, पैरी, ईब, जोंक, सुरंगी, मनियारी शिवरीनारायण इसके प्रमुख तटीय शहर हैं ।
2. शिवनाथ : यह महानदी की प्रमुख सहायक नदी है । यह छत्तीसगढ़ की दूसरी सर्वाधिक महत्वपूर्ण नदी है। जलग्रहण क्षमता एवं लम्बाई की दृष्टि से यह छत्तीसगढ़ की अत्यन्त महत्वपूर्ण नदी मानी जाती है। इस नदी का उद्गम राजनांदगाँव उच्च भूमि में अम्बागढ़ तहसील के 625 मीटर ऊँची पानाबरस पहाड़ी से हुआ है । यह नदी अपने उद्गम स्थल से लगभग 40 किमी दूरी तक उत्तर की ओर बहती है, परन्तु अम्बागढ़ चौकी के पास पूर्व की ओर मुड़ जाती है । इसके पश्चात उत्तर-पूर्व में खुज्जी, राजनांदगाँव, दुर्ग, धमुधा और नांदघाट होती हुई 290 किमी प्रवाहित होती है तथा शिवरीनारायण के समीप महानदी में मिल जाती है । लीलागर, मनियारी, आभर, सुरही, खारून, अरपा, तान्दुला आदि इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ है । दुर्ग इसका प्रमुख तटीय शहर है।
3. मनियारी : यह नदी बिलासपुर जिले के उत्तर-पश्चिम में लोरमी पठार से निकलती है । यह दक्षिण-पूर्वी भाग में बिलासपुर तथा मुंगेली तहसील की सीमा बनाती हुई प्रवाहित होती है। इसकी सहायक नदियों में आगर, छोटी नर्मदा, घोंघा आदि प्रमुख है । इस नदी । पर खारंग – मनियारी जलाशय का निर्माण किया गया है । ।
4. हसदो : यह कोरबा के कोयला क्षेत्र तथा चांपा के मैदानी क्षेत्र मे प्रवाहित होने वाली महत्वपूर्ण नदी है । इसका उद्गम कोरिया की पहाड़ियाँ हैं । इसकी लम्बाई 176 किमी. है। यह नदी शिवरीनारायण से कुछ दूर महानदी में मिल जाती है । गज, अहिरन, तान एवं चौरनाई इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं। कोरबा एवं चांपा इसके किनारे स्थित प्रमुख तटीय नगर हैं ।
5. लीलागर : इस नदी का उद्गम कोरबा जिले की पूर्वी पहाड़ियों से होता है। यह नदी से निकलकर दक्षिण में बिलासपुर और जांजगीर तहसील की सीमा बनाते मुख्य रूप से बिलासपुर एवं रायगढ़ जिले में प्रवाहित हाती है । यह नदी कोरबा क्षेत्र | नदी में मिल जाती है । इस नदी की लम्बाई लगभग 135 किमी. है । हुए शिवनाथ
6. अस्पा : यह नदी पेन्ड्रा तहसील के खौड़ी पहाड़ी से निकलती है । यह बिलासपुर | जिले में प्रवाहित होने वाली एक महत्वपूर्ण नदी है । इस नदी की लम्बाई लगभग 140 / किमी. है। खारंग इसकी प्रमुख सहायक नदी है । यह नदी बिलासपुर जिले में प्रवाहित होते । हुए बरतोरी के समीप ठाकुरदेवा नामक स्थान पर शिवनाथ नदी से मिल जाती है ।
7. तान्दुला : यह शिवनाथ नदी की प्रमुख सहायक नदी है। इसका उद्गम जिले के भानुप्रतापपुर के उत्तर में स्थित पहाड़ियाँ हैं । यह नदी मुख्यतः दुर्ग कांकेर जिले में प्रवाहित होती है । 34 किमी प्रवाहित होने के पश्चात इस नदी में बालोद एवं आदमाबाद | के पास सूखा नाला मिलता है। इसी स्थान पर तान्दुला बांध का निर्माण किया गया है । इसकी कुल लम्बाई 64 किमी है।
8. खारून : यह शिवनाथ की प्रमुख सहायक नदी है । इसका उद्गम बालोद जिले के दक्षिण-पूर्व में पेटेचुवा के समीप है । यह नदी 80 किमी. उत्तर की ओर प्रवाहित होकर जामघाट के समीप शिवनाथ नदी में मिल जाती है । इस नदी की लम्बाई 208 किमी. है । रायपुर खारून नदी के किनारे अवस्थित प्रमुख नगर है ।
9. पैरी : यह महानदी की प्रमुख सहायक नदी है । इसका उद्गम स्थल गरियाबंद जिले की बिन्द्रानतागढ़ के समीप भातृगढ़ पहाड़ियाँ है । यह नदी समुद्र तल से 493 मीटर ऊँची पहाड़ी से प्रवाहित होती है । यह रायपुर जिले के दक्षिण – पूर्व से आकर महानदी में मिल जाती है। इस नदी की कुल लम्बाई 90 किमी. है।
10. जोंक : यह महासमुंद जिले की प्रमुख नदी है । यह रायपुर के पूर्वी क्षेत्र का जल लेकर बलौदा बाजार तहसील में मरकारा नामक स्थान से पूर्व की ओर महानदी के उत्तरी तट पर स्थित शिवरीनारायण के ठीक विपरीत दक्षिणी तट पर मिलती है। इस नदी की कुल लम्बाई 90 किमी. है।
11. सुरंगी : यह नदी रायगढ़ के दक्षिणी भाग का जल लेकर बलौदा के दक्षिण में लखमौर (उड़ीसा) से कुछ उत्तर में रायगढ़ की सीमा पार कर लखमोंटा के समीप ओंग नदी में मिल जाती है। जो सुदूर पूर्व में सरादपती (उड़ीसा) नामक स्थान पर महानदी में मिल जाती है।
12. मांड : इस नदी का उद्गम सरगुजा जिले के मैनपाट पठार का उत्तरी भाग है । यह नदी मुख्यतः सरगुजा एवं रायगढ़ जिले में प्रवाहित होती है । यह नदी चन्द्रपुर के निकट महानदी में मिल जाती है ।
13. बोराई : यह नदी कोरबा के पठारी क्षेत्र से निकलती है तथा दक्षिण की ओर प्रवाहित होती हुई महानदी में मिल जाती है ।
14. ईब : यह महानदी की बायीं तट की प्रमुख सहायक नदी है । इसका उद्गम जशपुर तहसील की पन्ड्रापाट पठार की खूरजा पहाड़ियाँ है । इस नदी का प्रवाह क्षेत्र दक्षिण के कुछ भाग को छोड़कर दक्कन लावा का पठारी असमतल धरातल है । यह अपने प्रवाह मार्ग में अनेक स्थानों पर जलप्रपातों का निर्माण करती है । यह नदी मुख्यतः जशपुर एवं रायगढ़ जिले में प्रवाहित होती है। सिरी, डोरकी, मैनी, खोरंग आदि ईब की प्रमुख सहायक नदियाँ | ईब नदी अपनी रेत में पाये जाने वाले प्राकृतिक स्वर्णकणों के लिए प्रसिद्ध है ।
B. गोदावरी अपवाह तंत्र
गोदावरी अपवाह तंत्र का बहुत कम हिस्सा छत्तीसगढ़ राज्य में पड़ता है। राजनांदगाँव जिले के दक्षिणी भाग की ढाल दक्षिण की ओर है । अतः इस भाग की नदियाँ दक्षिण की ओर बहकर गोदावरी क्रम का एक हिस्सा बनाती है । यहाँ गोदावरी की सहायक कोटरी, कोहका तथा बाघ नदियों के अपवाह क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम सीमा पर राजनांदगाँव उच्च भूमि में है । इसका विस्तार दक्षिणी जिले कांकेर, बस्तर और दन्तेवाड़ा के अन्तर्गत है । बस्तर जिले का 93 प्रतिशत तथा राजनांदगाँव जिले का 21 प्रतिशत भाग गोदावरी बेसिन में आता है । गोदावरी इस अपवाह तंत्र की मुख्य नदी है । इन्द्रावती, सबरी, चिन्ता आदि इस अपवाह तंत्र की अन्य प्रमुख नदियाँ है ।
1. गोदावरी : गोदावरी का उद्गम पश्चिमी घाट में महाराष्ट्र में नासिक के दक्षिण- पश्चिम में स्थित त्र्यंम्बक नामक स्थान से 1607 मीटर की ऊँचाई से माना जाता है । 94 छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान गोदावरी नदी छत्तीसगढ़ की दक्षिणी सीमा बनाती हुई प्रवाहित होती है । इन्द्रावती, कोटरी, सबरी, कोहका, बाघ आदि इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं ।
2. इन्द्रावती : इन्द्रावती गोदावरी की सबसे बड़ी सहायक नदी है । यह दण्डकारण्य की एक बड़ी नदी है । यह छत्तीसगढ़ में बस्तर संभाग में प्रवाहित होती है। इसका उद्गम उड़ीसा में कालाहांडी के रामपुर (युआमल) नामक स्थान में डोंगरला पहाड़ी से हुआ है। यह आन्ध्र प्रदेश से होते हुए भोपालपट्टनम के पास गोदावरी नदी में मिल जाती है। इस नदी की कुल लम्बाई 372 किमी है । यह बस्तर की सबसे बड़ी नदी है तथा इसे करती है। बस्तर में छोटी-छोटी 30 नदियाँ इसकी सहायक नदियाँ हैं। इसकी जिले में हुआ सहायक नदियों में शंखिनी, डंकिनी, कोटरी, निबरा, माडिन, दन्तेवाड़ा, मांडेर आदि मुख्य हैं।
3. कोटरी : यह इन्द्रावती की सबसे बड़ी सहायक नदी है । इसक उद्गम राजनांदगाँव है । इसका अपवाह क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम सीमा पर राजनांदगाँव उच्च भूमि में है । राजनांदगाँव, काँकेर, बस्तर जिलों से होती हुई यह इन्द्रावती नदी में मिल जाती है। 4. डंकिनी एवं शंखिनी: डंकिन तथा शंखिनी दक्षिण-पश्चिम में इन्द्रावती की सहायक नदियाँ है । डंकिनी नदी किलेपार एवं पाकनार की डांगरी – डोगरी से निकलती है । शंखिनी बैलाडीला के पहाड़ी के 4000 फीट ऊँचे नंदीराज शिखर से हुआ है। डंकिनी का उद्गम एवं शंखिनी का संगम दन्तेवाड़ा में होता है ।
5. नारंगी : यह नदी चित्रकूट प्रपात के निकट इन्द्रावती से मिलती है । इसमें उत्तर- पूर्व बस्तर की कोंडागाँव जिला की अधिकांश भूमि का जल संग्रहित होता है । यह नदी कोंडागाँव जिला से निकलती है ।
6. कोभरा : यह अपने अधिकांश प्रवाह में बस्तर की सीमा बनाती है ।
7. गुडरा : यह नदी छोटे डोंगर की चट्टानों के बीच से अबूझमाड़ की वनाच्छादित पहाड़ियों से प्रवाहित होती है । यह बारसूर के समीप इन्द्रावती में मिल जाती है ।
8. मारी : मारी या मोरल वास्तव में मुरला का अपभ्रंश है । मारी का नाम पूर्व में मोरल था । यह दक्षिण-पश्चिम दिशा में भैरमगढ़ से निकलकर बीजापुर की ओर प्रवाहित होती है।
9. सबरी : यह गोदावरी की दूसरी प्रमुख सहायक नदी है । यह दन्तेवाड़ा के पास बैलाडीला पहाड़ी से निकलती है । यह कुनांवरम (आन्ध्रप्रदेश) के पास गोदावरी नदी में मिल जाती है ।
10. बाघ : यह नदी राजनांदगाँव जिले में कुलझारी पहाड़ी से निकलती है । यह वैनगंगा प्रवाह तंत्र की एक शाखा है जो राजनांदगाँव जिले की पश्चिमी सीमा का करती है । निर्धारण में
C. गंगा अपवाह तंत्र : गंगा अपवाह तंत्र का विस्तार राज्य के 15 प्रतिशत भाग है । बिलासपुर जिले का 5%, रायगढ़ जिले का 14% तथा सरगुजा जिले का 78% भाग गंगा बेसिन के अन्तर्गत है । इस अपवाह तंत्र के अंतर्गत गंगा नदी की सहायक सोन नदी की सहायक नदियाँ कन्हार, रेहार, गोपद, बनास, बीजाल, सोप आदि नदियाँ आती हैं।
- 1. कन्हार : यह नदी जशपुर जिले के उत्तर-पश्चिमी भाग के उच्च प्रदेश से निकलकर शहडोल जिले के बीचों-बीच प्रवाहित होती है तथा शहडोल एवं सतना जिले की सीमा पर सोन नदी में विलीन हो जाती है ।
- 2. सोप : यह नदी बिलासपुर जिले में प्रवाहित होती है ।
- 3. रिहन्द : यह नदी अम्बिकापुर तहसील के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित मातिरिंगा पहाड़ी से निकलती है। राज्य में इस नदी की कुल लम्बाई 145 किमी. है। यह नदी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के चोपन के समीप सोन में मिल जाती है।
D. नर्मदा अपवाह क्षेत्र : कवर्धा जिले में बहने वाली बंजर, टांडा, एवं उसकी सहायक नदियाँ नर्मदा अपवाह तंत्र के अन्तर्गत आती है। राज्य में इस अपवाह, तंत्र की नदियों का प्रवाह क्षेत्र 710 वर्ग किमी. क्षेत्र में है। मैकाल श्रेणी महानदी अपवाह तंत्र नर्मदा अपवाह तंत्र से अलग करती है। राजनांदगाँव जिले की पश्चिमी सीमा पर टांडा एवं बंजर नदियाँ उत्तर-पश्चिम की ओर बहती हैं। ये नदियाँ छोटी हैं तथा ग्रीष्म काल में सूख जाती हैं। नगर नदी
Chhattisgarh Nadiya Samanya Gyan
छत्तीसगढ़ में नदियों के तट पर अवस्थित नगर EXAM में पूछे जाने वाले सवाल जवाब
| नगर | नदी |
| बिलासपुर | अरपा |
| दन्तेवाड़ा | डंकिनी-शंखिनी |
| चांपा | हसदो |
| कोरबा | हसदो |
| कोंडागाँव | नारंगी |
| सिरपुर | महानदी |
| बारसूर | इन्द्रावती |
| दुर्ग | शिवनाथ |
| जगदलपुर | इन्द्रावती |
| कांकेर | दूध नदी |
| कोटा | शबरी |
| शिवरीनारायण | महानदी |
| रायपुर | खारून |
| राजनांदगाँव | शिवनाथ |
| राजिम | महानदी |
| रायगढ़ | केलो |
छत्तीसगढ़ VYAPAM और PSC एग्जाम में नदियों से सम्बंधित पूछे जाने वाले प्रश्न
1. छत्तीसगढ़ राज्य के कुल क्षेत्रफल में से महानदी अपवाह तंत्र का हिस्सा है
- 40.62%
- 50.61%
- 56.11%
- 60.11
2. इनमें से छत्तीसगढ़ की नदियां एवं उनके उद्गम स्थल का सही मिलान नहीं है
- मांड नदी- मैनपाट
- हसदेव नदी- कैमूर पर्वत
- इंद्रावती नदी-पंडरा पाठ
- इनमें से कोई नहीं
3. छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहां जाने वाला राजिम इनमें से किस नदियों के संगम पर स्थित है-
- महानदी,शिवनाथ,पैरी
- महानदी,शिवनाथ,जोंक
- महानदी,पैरी,सोढु
- महानदी , मांड,लात
4. सिहावा पर्वत धमतरी से इनमें से किस नदी का उद्गम हुआ है-
- शिवनाथ
- महानदी
- हसदेव
- इनमें से कोई नहीं
5. शिवनाथ नदी का उद्गम स्थल है-
- कैमूर पर्वत
- मैनपाट
- पानबरस की पहाड़ी
- इनमें से कोई नहीं
6. छत्तीसगढ़ में बहने वाली सबसे लंबी नदी है
- महानदी
- शिवनाथ
- इंद्रावती
- हसदेव
7. इनमें से किस नदी को परलकोट नदी कहा जाता है-
- दूध नदी
- कोटरी नदी
- शबरी नदी
- इनमें से कोई नहीं
8. छत्तीसगढ़ के इनमें से किस नदी में नौपरिवहन की सुविधा है-
- इंद्रावती नदी
- शबरी नदी
- कोटरी नदी
- इनमें से कोई नहीं
9. महानदी अपवाह तंत्र की ढाल किस ओर है –
- पश्चिम की ओर
- पूर्व की ओर
- उत्तर की ओर
- इनमें से कोई नहीं
10. इनमें से गलत कथन छाँटिए –
- शबरी नदी छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के बीच सीमा रेखा बनाती है
- इंद्रावती नदी छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बीच सीमा रेखा बनाती है
- कन्हार नदी छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच सीमा रेखा बनाती है
- पैरी नदी छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के बीच सीमा रेखा बनाती है
11. छत्तीसगढ़ में बहने वाली नदियों का लंबाई के अनुसार घटते क्रम में सही है –
- महानदी, शिवनाथ, हसदेव, रिहंद
- शिवनाथ ,हसदेव ,रिहान ,महानदी
- शिवनाथ ,महानदी ,हसदेव, रिहंद
- इनमें से कोई नहीं
12. इंद्रावती नदी की प्रमुख सहायक नदी नहीं है
- नारंगी नदी
- दूध
- शबरी
- चिंता बाबू
13. छत्तीसगढ़ की ऐसी कौन सी नदी है जो पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है
- इंद्रावती
- बंजर
- रिहंद
- महानदी
14. महानदी को सतयुग में किस नाम से जाना जाता था
- कनक नंदिनी
- चित्रोत्पला
- महानंदा
- नीलोत्पला
15. इनमें से कौन सी नदी शिवनाथ की सहायक नदी नहीं है-
- आमनेर
- बंजर
- लीलागर
- इनमें से कोई नहीं
16. छत्तीसगढ़ की जीवन रेखा किस नदी को कहा जाता है-
- महानदी
- शिवनाथ
- इंद्रावती
- इनमें से कोई नहीं
17. महानदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है
- हसदेव
- मांड
- शिवनाथ
- इंद्रावती
18. महानदी की दक्षिण की ओर से मिलने वाली प्रमुख सहायक नदियां हैं
- दूध नदी
- पैरी
- सोढु
- उपर्युक्त सभी
19. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर इनमें से किस नदी के किनारे बसा हुआ है-
- अरपा
- खारुन
- इंद्रावती
- इनमें से कोई नहीं
20. शिवनाथ नदी छत्तीसगढ़ के किस स्थान पर महानदी से मिलती है
- राजिम
- शिवरीनारायण
- चंद्रपुर
- इनमें से कोई नहीं
21. इनमें से किस नदी में सोने के कण मिलते है –
- ईब
- आमनेर
- शबरी
- उपर्युक्त सभी
22. दुधावा परियोजना किस जिले में है?
(A) रायपुर
(B) नारायणपुर
(C) कांकेर
(D) दन्तेवाड़ा
उत्तर – ( C ) कांकेर
23. बरनई एवं बांकी परियोजना किस जिले में है ?
(A) कोरिया
(B) सरगुजा
(C) जशपुर
(D) रायगढ़
उत्तर – (B) सरगुजा
24. इन्द्रावती नदी ओडिसा के काला हांडी पठार से निकलकर कहाँ विलीन होती है ?
(A) गंगा नदी में
(B) गोदावरी नदी में
(C) शिवनाथ नदी में
(D) सोन नदी में
उत्तर – (B) गोदावरी नदी में
25. महाराष्ट्र में नासिक जिले से निकलकर छत्तीसगढ़ की दक्षिणी सीमा बनाने वाली नदी है ?
(A) डंकिनी
(B) शिवनाथ
(C) बाघ
(D) गोदावरी
Ans – (D) गोदावरी
26. तालाग्राम किस नदी के किनारे बसा है ?
(A) महानदी
(B) हसदो
(C) मनियारी
(D) शिवनाथ
Ans – (C) मनियारी
27. छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना है-
(A) कोडार परियोजना
(B) महानदी परियोजना
(C) मनियारी परियोजना
(D) जोंक परियोजना
Ans – (B) महानदी परियोजना
28. गोदावरी अपवाह की नदियाँ हैं ?
(A) रिहन्द, कन्हर, सोंदूर
(B) शबरी, डंकिनी, नारंगी
(C) अरपा, खारून, ईब
(D) लीलागार, मनियारी, पैरी
उत्तर – (B) शबरी, डंकिनी, नारंगी
29. बस्तर संभाग को दो भागों में बाँटने वाली नदी है-
(A) गोदावरी
(B) इन्द्रावती
(D) शिवनाथ
(C) दूध
Ans – ( ब ) इन्द्रावती
यदि कोई सवाल है तो कमेन्ट के माध्यम से पूछे


At which place of chhattishgarh river Shivnath meet at mahanadi