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शिक्षक भर्ती एवं TET परीक्षा Mock Test: CDP का ऑनलाइन टेस्ट
01. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
02. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए:
स्तंभ-I (पियाजे के चरण)
स्तंभ-II (आयु सीमा/विशेषता)
(a) संवेदी-गामक चरण
(I) 7-11 वर्ष, तार्किक चिंतन का आरंभ
(b) पूर्व-संक्रियात्मक चरण
(II) 0-2 वर्ष, वस्तु स्थायित्व का विकास
(c) मूर्त संक्रियात्मक चरण
(III) 2-7 वर्ष, अहंवादी चिंतन
(d) अमूर्त संक्रियात्मक चरण
(IV) 11 वर्ष+, काल्पनिक तर्कशक्ति
03.
अभिकथन [A]: पियाजे के अनुसार, बच्चे ‘संरक्षण’ (Conservation) की अवधारणा मूर्त संक्रियात्मक चरण में समझते हैं।
कारण [R]: इस चरण में बच्चे केवल मूर्त वस्तुओं पर तर्क कर सकते हैं, अमूर्त विचारों पर नहीं।
04. लेव वैगोत्स्की के ‘समीपस्थ विकास का क्षेत्र’ (ZPD) का सही अर्थ क्या है?
05. ‘स्केफोल्डिंग’ (Scaffolding) शब्द किस सिद्धांत से संबंधित है?
06. रचनावाद (Constructivism) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
(I) ज्ञान बाह्य स्रोतों से निष्क्रिय रूप से प्राप्त होता है।
(II) शिक्षार्थी स्वयं अनुभवों के माध्यम से ज्ञान का निर्माण करते हैं।
(III) सामाजिक अंतःक्रिया ज्ञान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
(IV) अध्यापक केवल जानकारी देने वाला स्रोत है।
07.
कथन-I: पियाजे के अनुसार, ‘अहंवादी भाषण’ (Egocentric Speech) बच्चे के संज्ञानात्मक अपरिपक्वता का संकेत है।
कथन-II: वैगोत्स्की के अनुसार, ‘अहंवादी भाषण’ स्व-नियमन और चिंतन का महत्वपूर्ण उपकरण है।
08. पियाजे के ‘पूर्व-संक्रियात्मक चरण’ की निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता नहीं है?
09. स्केफोल्डिंग की ‘आसंगिकता’ (Contingency) एवं ‘फेडिंग’ (Fading) प्रक्रिया की निम्नलिखित में से कौन-सी शर्तें वैध हैं?
I. सहायता शिक्षार्थी की तत्काल त्रुटि एवं प्रदर्शन के अनुसार गतिशील रूप से समायोजित होनी चाहिए।
II. फेडिंग केवल तभी प्रभावी है जब शिक्षार्थी ‘निजी भाषण’ का उपयोग कम करता है एवं आंतरिक नियमन विकसित करता है।
III. स्केफोल्डिंग की मात्रा शिक्षार्थी की ZPD से स्वतंत्र, पाठ्यक्रम की कठिनाई पर निर्भर करती है।
IV. अति-सहायता (Over-scaffolding) शिक्षार्थी की संज्ञानात्मक निर्भरता एवं आत्म-प्रभावकारिता को हानि पहुँचाती है।
10. निम्नलिखित में से कौन-सा पियाजे के ‘संवेदी-गामक चरण’ (0-2 वर्ष) की प्रमुख उपलब्धि है?
11.
अभिकथन [A]: वैगोत्स्की के अनुसार, सीखना सामाजिक प्रक्रिया है।
कारण [R]: बच्चे अधिक ज्ञानी व्यक्तियों के साथ सहयोगात्मक अंत:क्रिया के माध्यम से ज्ञान का निर्माण नहीं करते हैं।
12. ‘रचनावादी कक्षा’ (Constructivist Classroom) की निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता नहीं है?
13. पियाजे के अनुसार, ‘अनासक्ति / विकेंद्रीकरण’ (Decentration) क्षमता किस चरण में विकसित होती है?
14. वैगोत्स्की के सिद्धांत के अनुसार, भाषा के निम्नलिखित में से कौन-से कार्य हैं?
(I) सामाजिक संचार का माध्यम
(II) चिंतन और समस्या-समाधान का उपकरण
(III) स्व-नियमन (Self-regulation) का साधन
(IV) केवल शब्दावली विस्तार तक सीमित
15. ‘समकक्षी सहयोग’ (Peer Collaboration) रचनावादी अधिगम में क्यों महत्वपूर्ण है?
16.
अभिकथन [A]: पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास जैविक परिपक्वता और अनुभव का परिणाम है।
कारण [R]: पियाजे ने सामाजिक अंत:क्रिया को संज्ञानात्मक विकास का प्राथमिक चालक माना।
17. ‘स्केफोल्डिंग’ की प्रभावी रणनीति नहीं है:
18. सही मिलान करें:
स्तंभ-I (पियाजे की अवधारणा)
स्तंभ-II (उदाहरण)
(a) आत्मसात्करण (Assimilation)
(I) बच्चा कुत्ते को देखकर ‘म्याऊ’ कहता है
(b) समायोजन (Accommodation)
(II) बच्चा नई प्रजाति का पक्षी देखकर उसे ‘चिड़िया’ श्रेणी में रखता है
(c) संतुलन (Equilibration)
(III) बच्चा सीखता है कि ‘चमगादड़’ पक्षी नहीं, स्तनधारी है
(d) केंद्रीकरण (Centration)
(IV) बच्चा गिलास की ऊँचाई देखकर पानी की मात्रा का अनुमान लगाता है
19. रचनावादी मूल्यांकन (Constructivist Assessment) की प्रमुख विशेषता क्या है?
20.
कथन-I: पियाजे और वैगोत्स्की दोनों ही मानते थे कि बच्चे सक्रिय रूप से ज्ञान का निर्माण करते हैं।
कथन-II: पियाजे और वैगोत्स्की दोनों ही मानते थे कि सामाजिक अंतःक्रिया संज्ञानात्मक विकास की प्राथमिक चालक है।
21. कक्षा 3 की एक बालिका को दो समान गोल आटे की गेंदें दिखाई जाती हैं। शिक्षक एक गेंद को चपटा कर देता है और पूछता है कि किसमें आटा अधिक है। बालिका कहती है कि चपटी वाली में अधिक है। पियाजे के अनुसार, यह बालिका किस चरण में है और उसकी किस सीमा को दर्शाती है?
22.
अभिकथन [A]: वैगोत्स्की के अनुसार, बच्चों का स्वयं से बात करना (निजी भाषण) संज्ञानात्मक विकास में सहायक होता है।
कारण [R]: यह भाषण बाहरी सामाजिक संवाद से आंतरिक चिंतन की ओर संक्रमण का सूचक है।
23. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए:
स्तंभ-I (सिद्धांत/दृष्टिकोण)
स्तंभ-II (प्रमुख विशेषता)
(a) वैयक्तिक रचनावाद
(I) सामाजिक अंत:क्रिया एवं सांस्कृतिक उपकरणों पर बल
(b) सामाजिक रचनावाद
(II) ज्ञान निर्माण में पूर्व अनुभवों की सक्रिय भूमिका
(c) उग्र रचनावाद
(III) संज्ञानात्मक संरचनाओं का पुनर्गठन
(d) संज्ञानात्मक रचनावाद
(IV) यथार्थ की व्यक्तिपरक व्याख्या पर जोर
24. प्रभावी स्केफोल्डिंग की निम्नलिखित विशेषताओं में से कौन-सी सत्य हैं?
(I) यह शिक्षार्थी की ZPD के भीतर प्रदान की जाती है।
(II) यह अस्थायी एवं लचीली सहायता है।
(III) इसमें ‘Fading’ (धीरे-धीरे सहायता हटाना) शामिल है।
(IV) यह केवल अध्यापक द्वारा ही प्रदान की जा सकती है।
25.
कथन-I: पियाजे के अनुसार, संतुलन (Equilibration) संज्ञानात्मक विकास का प्रमुख चालक है।
कथन-II: यह आत्मसात्करण और समायोजन के बीच संतुलन बनाए रखने की निरंतर प्रक्रिया है।
26. एक शिक्षक गणित की कक्षा में छात्रों को भिन्नों को जोड़ने का कार्य देता है। कुछ छात्र स्वयं नहीं कर पाते, परंतु शिक्षक के संकेत और साथियों की चर्चा के बाद वे सफल हो जाते हैं। यह स्थिति वैगोत्स्की के किस सिद्धांत को दर्शाती है?
27.
अभिकथन [A]: पियाजे भाषा को संज्ञानात्मक विकास का परिणाम मानते हैं, जबकि वैगोत्स्की इसे चालक मानते हैं।
कारण [R]: पियाजे के लिए चिंतन भाषा से पूर्व है, वैगोत्स्की के लिए भाषा चिंतन का आधार है।
28. सही मिलान करें:
स्तंभ-I (प्रक्रिया)
स्तंभ-II (व्याख्या)
(a) आत्मसात्करण
(I) नई योजना का निर्माण या मौजूदा योजना में परिवर्तन
(b) समायोजन
(II) आत्मसात्करण व समायोजन के बीच सामंजस्य
(c) संगठन
(III) योजनाओं को तार्किक रूप से व्यवस्थित करना
(d) संतुलन
(IV) मौजूदा योजना में नई जानकारी को फिट करना
29. रचनावादी कक्षा में शिक्षक की भूमिका के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?
(I) शिक्षक ज्ञान का एकमात्र स्रोत होता है।
(II) शिक्षक सीखने के वातावरण का सुविधाकर्ता होता है।
(III) शिक्षक छात्रों की पूर्व धारणाओं को सक्रिय करता है।
(IV) शिक्षक केवल सही उत्तर देने पर ध्यान केंद्रित करता है।
30.
कथन-I: आत्मसात्करण में बच्चा नई वस्तु को पुरानी श्रेणी में रखता है।
कथन-II: समायोजन में बच्चा पुरानी श्रेणी को बदल देता है ताकि नई वस्तु समायोजित हो सके।
31. एक शिक्षक छात्रों को निबंध लेखन सिखाते समय पहले पूर्ण रूपरेखा देता है, फिर केवल सूची, अंत में केवल शीर्षक देकर स्वतंत्र लेखन की अनुमति देता है। यह रणनीति किस सिद्धांत पर आधारित है?
32.
अभिकथन [A]: वैगोत्स्की के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास सांस्कृतिक संदर्भ से पृथक नहीं हो सकता।
कारण [R]: प्रत्येक संस्कृति के विशिष्ट ‘मानसिक उपकरण’ (जैसे- भाषा, प्रतीक, तकनीक) होते हैं जो चिंतन को आकार देते हैं।
33. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए:
स्तंभ-I (शब्द)
स्तंभ-II (सिद्धांतकार)
(a) योजना (Schema)
(I) वैगोत्स्की
(b) निजी भाषण (Private Speech)
(II) पियाजे
(c) अधिक ज्ञानी व्यक्ति (MKO)
(I) वैगोत्स्की
(d) खोज अधिगम (Discovery Learning)
(III) ब्रूनर
34. पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास को प्रभावित करने वाले कारक कौन-से हैं?
(I) जैविक परिपक्वता
(II) भौतिक अनुभव
(III) सामाजिक अंतःक्रिया
(IV) संतुलन (Equilibration)
35.
कथन-I: वैगोत्स्की ने भाषा को ‘बौद्धिक अनुकूलन का प्रमुख उपकरण’ माना।
कथन-II: उनके अनुसार, भाषा केवल संचार का माध्यम है, चिंतन का नहीं।
36. एक बच्चा दो समान लंबाई की छड़ें देखता है। जब एक छड़ को थोड़ा दाईं ओर खिसका दिया जाता है, तो बच्चा कहता है कि खिसकी हुई छड़ लंबी है। यह किस संज्ञानात्मक विशेषता को दर्शाता है?
37.
अभिकथन [A]: रचनावादी मूल्यांकन में ‘प्रक्रिया’ पर ‘परिणाम’ से अधिक बल दिया जाता है।
कारण [R]: रचनावाद के अनुसार, ज्ञान स्थिर नहीं, बल्कि निरंतर निर्मित होने वाली प्रक्रिया है।
38. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए:
स्तंभ-I (चरण)
स्तंभ-II (प्रमुख उपलब्धि/सीमा)
(a) संवेदी-गामक
(I) संरक्षण का अभाव
(b) पूर्व-संक्रियात्मक
(II) पश्चगामी तर्क (Reversibility)
(c) मूर्त संक्रियात्मक
(III) हाइपोथेटिकल-डिडक्टिव तर्क
(d) अमूर्त संक्रियात्मक
(IV) वस्तु स्थायित्व
39. समकक्षी सहपाठी शिक्षण (Peer Tutoring) वैगोत्स्की के सिद्धांत के संदर्भ में क्यों प्रभावी माना जाता है?
(I) यह ZPD के भीतर सामाजिक अंत:क्रिया को बढ़ावा देता है।
(II) यह शिक्षार्थियों को ‘अधिक ज्ञानी व्यक्ति’ (MKO) की भूमिका निभाने का अवसर देता है।
(III) यह केवल शैक्षिक उपलब्धि बढ़ाता है, संज्ञानात्मक नहीं।
(IV) यह सहयोगात्मक चिंतन और निजी भाषण को सक्रिय करता है।
40.
कथन-I: पियाजे ने छोटे बच्चों की संज्ञानात्मक क्षमताओं को कम आँका है।
कथन-II: आधुनिक शोध बताते हैं कि उचित प्रशिक्षण से पूर्व-संक्रियात्मक बच्चे भी संरक्षण के कार्य कर सकते हैं।
41. कक्षा 5 के शिक्षक ‘आयतन’ (Volume) समझाने के लिए पानी को अलग-अलग आकार के बर्तनों में डालकर प्रयोग कराते हैं। कुछ बच्चे अभी भी मानते हैं कि चौड़े बर्तन में पानी कम है। पियाजे के सिद्धांत के अनुसार, यह अवस्था किसकी ओर संकेत करती है और शिक्षक को क्या करना चाहिए?
42.
अभिकथन [A]: वैगोत्स्की के सिद्धांत में ‘खेल’ (Play) को संज्ञानात्मक विकास का शीर्ष स्तर माना गया है।
कारण [R]: खेल के दौरान बच्चे काल्पनिक परिस्थितियों में नियमों का पालन करते हैं, जिससे स्व-नियमन एवं अमूर्त चिंतन का विकास होता है।
43. सही मिलान करें:
स्तंभ-I
स्तंभ-II
(a) गत्यात्मक मूल्यांकन (Dynamic Assessment)
(I) ज्ञान की निश्चित संरचना पर बल
(b) पारंपरिक मूल्यांकन
(II) आत्मसात्करण व समायोजन के बीच असंतुलन
(c) संज्ञानात्मक संघर्ष
(III) ZPD के माध्यम से सीखने की क्षमता का मापन
(d) सांस्कृतिक उपकरण
(IV) भाषा, प्रतीक, संख्या प्रणाली
44.
कथन-I: पियाजे के चरण सार्वभौमिक (Universal) हैं, जबकि वैगोत्स्की के अनुसार संज्ञानात्मक विकास सांस्कृतिक रूप से विविध हो सकता है।
कथन-II: आधुनिक नव-पियाजेवादी (Neo-Piagetians) ने चरणों की आयु सीमा को लचीला माना है और सूचना-प्रसंस्करण क्षमता (Processing Capacity) पर बल दिया है।
45. रचनावादी पाठ्यक्रम डिज़ाइन में निम्नलिखित में से कौन-सी रणनीतियाँ ‘उग्र रचनावाद’ (Radical Constructivism) के सिद्धांतों के अनुरूप हैं?
(I) ज्ञान यथार्थ की निष्पक्ष प्रतिच्छाया नहीं, बल्कि अनुभवों की व्यक्तिपरक व्याख्या है।
(II) शिक्षार्थी की पूर्व धारणाओं को चुनौती देकर वैकल्पिक अवधारणात्मक ढाँचे बनाना।
(III) वस्तुनिष्ठ पाठ्यपुस्तकों से तथ्यों का रटंत अध्ययन।
(IV) सहयोगात्मक समस्या-समाधान जहाँ ज्ञान सामाजिक रूप से सह-निर्मित होता है।
46. एक शिक्षक गणित की समस्या हल करते समय छात्र से केवल पूछता है (“तुमने पहला चरण क्या लिया?”, “अगर ऐसा करते तो क्या होता?”), लेकिन उत्तर नहीं बताता। यह स्केफोल्डिंग का कौन-सा रूप है?
47.
अभिकथन [A]: वैगोत्स्की के अनुसार, ‘भाषा’ और ‘चिंतन’ प्रारंभ में अलग-अलग विकसित होते हैं, किंतु लगभग 3 वर्ष की आयु में विलीन हो जाते हैं।
कारण [R]: इस विलय के बाद, भाषा चिंतन को नियंत्रित करने का माध्यम बन जाती है, जिससे ‘वैचारिक भाषण’ (Verbal Thought) उत्पन्न होता है।
48. सही जोड़ी बनाइये:
स्तंभ-I
स्तंभ-II
(a) आत्म-नियमन (Self-Regulation)
(I) पियाजे: संतुलन की प्रक्रिया
(b) निजी भाषण → आंतरिक भाषण
(II) वैगोत्स्की: सीखने की संभावित सीमा
(c) संज्ञानात्मक पुनर्सरचना
(III) ब्रूनर: स्केफोल्डिंग का अंतिम लक्ष्य
(d) ज़ोन ऑफ़ प्रॉक्सिमल डेवलपमेंट
(IV) वैगोत्स्की: चिंतन का आंतरिकीकरण
49. पियाजे के सिद्धांत की निम्नलिखित में से कौन-सी वैज्ञानिक आलोचनाएँ मान्य हैं?
(I) प्रयोगात्मक कार्यों में भाषाई जटिलता के कारण बच्चों की क्षमताओं का कम आकलन।
(II) जैविक परिपक्वता को पूरी तरह अस्वीकार करना।
(III) सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ की प्राथमिकता को नजरअंदाज करना।
(IV) चरणों की कठोरता एवं सांस्कृतिक विविधता की उपेक्षा।
50.
कथन-I: रचनावादी मूल्यांकन में ‘वैधता’ (Validity) को ‘विश्वसनीयता’ (Reliability) से अधिक महत्व नहीं दिया जाता है।
कथन-II: इसमें मानकीकृत परीक्षणों की तुलना में प्रदर्शन-आधारित एवं प्रामाणिक (Authentic) कार्य अधिक प्रभावी माने जाते हैं।
51. कक्षा 6 के विद्यार्थी इतिहास की घटनाओं को केवल तिथियों और नामों के रूप में याद करते हैं। शिक्षक उन्हें विभिन्न सामाजिक वर्गों के दृष्टिकोण से भूमिका-अभिनय (Role-Play) करने को कहता है। यह रणनीति किस सिद्धांत का अनुप्रयोग है?
52.
अभिकथन [A]: स्केफोल्डिंग और प्रत्यक्ष निर्देश (Direct Instruction) में मूलभूत अंतर ‘जिम्मेदारी के स्थानांतरण’ (Transfer of Responsibility) का है।
कारण [R]: प्रत्यक्ष निर्देश में शिक्षक नियंत्रण बनाए रखता है, जबकि स्केफोल्डिंग में नियंत्रण क्रमिक रूप से शिक्षार्थी को स्थानांतरित नहीं किया जाता है।
53. सही जोड़ी बनाइये:
स्तंभ-I
स्तंभ-II
(a) सेमीओटिक मीडिएशन
(I) पियाजे: वस्तुओं के साथ प्रत्यक्ष अंत:क्रिया
(b) भौतिक अनुभव
(II) वैगोत्स्की: ZPD-आधारित हस्तक्षेप
(c) संज्ञानात्मक लचीलापन
(III) नव-पियाजेवादी: सूचना-प्रसंस्करण क्षमता
(d) गत्यात्मक सहायता
(IV) वैगोत्स्की: प्रतीकों/चिह्नों के माध्यम से मानसिक प्रक्रिया
54. रचनावादी पाठ्यक्रम में ‘विषय-वस्तु’ (Content) को कैसे व्यवस्थित किया जाता है?
(I) तार्किक अनुक्रम के स्थान पर शिक्षार्थी की रुचि एवं पूर्व अनुभव के आधार पर।
(II) खंडित तथ्यों के बजाय समग्र (Holistic) एवं अंतःविषय (Interdisciplinary) संदर्भों में।
(III) वास्तविक जीवन की समस्याओं एवं परियोजनाओं के इर्द-गिर्द।
(IV) केवल पाठ्यपुस्तक के अध्यायों के क्रम में।
55.
कथन-I: पियाजे के अनुसार, निर्देश (Instruction) केवल तभी प्रभावी है जब बच्चा उस चरण के लिए जैविक रूप से परिपक्व हो।
कथन-II: वैगोत्स्की के अनुसार, अच्छा निर्देश विकास से हमेशा आगे चलता है और उसे खींचता है।
56. एक बच्चा जोड़ के प्रश्न में गलत उत्तर लिखता है। रचनावादी दृष्टिकोण से शिक्षक की प्रतिक्रिया क्या होनी चाहिए?
57.
अभिकथन [A]: वैगोत्स्की के अनुसार, कल्पनाशील खेल (Make-believe Play) बच्चों को वास्तविकता से हटकर नियमों का पालन करने में सक्षम बनाता है।
कारण [R]: खेल में बच्चे ‘काल्पनिक स्थिति’ और ‘नियम’ दोनों को एक साथ संभालते हैं, जिससे स्व-नियंत्रण एवं अमूर्त चिंतन विकसित होता है।
58. सही जोड़ी बनाइये:
स्तंभ-I
स्तंभ-II
(a) प्रामाणिक मूल्यांकन
(I) पियाजे: चरण-विशिष्ट तार्किक क्षमता
(b) चरणबद्ध निदान
(II) रचनावाद: वास्तविक संदर्भ में प्रदर्शन
(c) संज्ञानात्मक असंतुलन
(III) वैगोत्स्की: सहयोगात्मक ज्ञान निर्माण
(d) सामाजिक सह-निर्माण
(IV) पियाजे: असंगत जानकारी पर प्रतिक्रिया
59. स्केफोल्डिंग रणनीति की निम्नलिखित में से कौन-सी सीमाएँ/चुनौतियाँ हैं?
(I) बड़ी कक्षाओं में व्यक्तिगत ZPD का आकलन कठिन होता है।
(II) शिक्षक की अत्यधिक व्यस्तता के कारण ‘Fading’ समय पर नहीं हो पाता।
(III) यह केवल उच्च-क्षमता वाले बच्चों के लिए प्रभावी है।
(IV) संसाधनों की कमी में निरंतर स्केफोल्डिंग बनाए रखना चुनौतीपूर्ण है।
60.
कथन-I: रचनावाद केवल एक शिक्षण विधि नहीं, बल्कि ज्ञान-मीमांसा (Epistemology) भी है।
कथन-II: यह मानता है कि ज्ञान बाह्य वास्तविकता की निष्पक्ष प्रतिलिपि नहीं, बल्कि अनुभवों के माध्यम से सक्रिय रूप से निर्मित अर्थ है।
61. डिजिटल शिक्षण प्लेटफॉर्म पर एक अध्यापक छात्रों को इंटरैक्टिव सिमुलेशन प्रदान करता है, जहाँ छात्र अपने ही गति से चर (variables) बदलकर परिणाम अवलोकित करते हैं। यह दृष्टिकोण किस सिद्धांत का आधुनिक अनुप्रयोग है?
62.
अभिकथन [A]: पियाजे के अनुसार, नैतिक निर्णय का विकास संज्ञानात्मक परिपक्वता से भिन्न रूप से जुड़ा है।
कारण [R]: बच्चा केवल तभी नैतिक सापेक्षता (इरादों का महत्व) को समझ सकता है जब वह अमूर्त चिंतन एवं बहुआयामी दृष्टिकोण (Decentration) विकसित कर लेता है।
63. सही जोड़ी बनाइये:
स्तंभ-I (रचनावाद का प्रकार)
स्तंभ-II (प्रमुख विशेषता/प्रवर्तक)
(a) वैयक्तिक रचनावाद
(I) ज्ञान की व्यक्तिपरक अनुकूलता (von Glasersfeld)
(b) सामाजिक रचनावाद
(II) संज्ञानात्मक संरचनाओं का अनुभव-आधारित विकास (Bruner/Ausubel)
(c) उग्र रचनावाद
(III) सामाजिक सह-निर्माण एवं भाषा (Vygotsky)
(d) संज्ञानात्मक रचनावाद
(IV) मानसिक योजनाओं का पुनर्गठन (Piaget)
64. शुद्ध रचनावादी दृष्टिकोण की शैक्षिक व्यवहार में निम्नलिखित में से कौन-सी व्यावहारिक सीमाएँ मान्य हैं?
(I) आधारभूत तथ्यों एवं स्वचालित कौशलों के अधिगम में कम दक्षता
(II) बड़ी कक्षाओं में व्यक्तिगत ZPD का प्रबंधन कठिन
(III) समय-सीमाबद्ध पाठ्यक्रम के साथ तालमेल बिठाना चुनौतीपूर्ण
(IV) मानकीकृत परीक्षा प्रणाली के साथ सीधा संघर्ष
65.
कथन-I: वैगोत्स्की के ‘आंतरिकीकरण’ (Internalization) की प्रक्रिया सामाजिक अंत:क्रिया से शुरू होकर मानसिक प्रक्रिया में परिवर्तित होती है।
कथन-II: पियाजे का ‘आंतरिकीकरण’ मुख्यतः व्यक्तिगत अनुभवों एवं जैविक परिपक्वता द्वारा संचालित होता है।
66. मिश्रित क्षमता वाली कक्षा में संज्ञानात्मक संघर्ष उत्पन्न करते समय अध्यापक को किस रणनीति का पालन करना चाहिए?
67.
अभिकथन [A]: स्केफोल्डिंग की प्रभावशीलता ‘आसंगिक प्रतिक्रियाशीलता’ (Contingent Responsiveness) पर निर्भर करती है।
कारण [R]: सहायता को शिक्षार्थी की तत्काल प्रदर्शन एवं त्रुटिरहित पैटर्न के अनुसार समायोजित करना आवश्यक है, ताकि अतिसहायता या न्यून-सहायता से बचा जा सके।
68. सही जोड़ी बनाइये:
स्तंभ-I (मूल्यांकन प्रकार)
स्तंभ-II (सैद्धांतिक आधार)
(a) गत्यात्मक मूल्यांकन
(I) वास्तविक संदर्भ में प्रदर्शन मापन
(b) प्रामाणिक मूल्यांकन
(II) ZPD के भीतर सीखने की क्षमता का आकलन
(c) रूब्रिक-आधारित मूल्यांकन
(III) मानदंड-आधारित गुणात्मक विश्लेषण
(d) सहपाठी मूल्यांकन
(IV) सामाजिक रचनावादी सह-निर्माण
69. नव-पियाजेवादी (Neo-Piagetian) शोधकर्ताओं ने पियाजे के सिद्धांत में निम्नलिखित में से किस प्रकार का विस्तार किया?
(I) जैविक परिपक्वता को पूर्णतः अस्वीकार किया
(II) चरणों को कठोर आयु-सीमा के स्थान पर लचीला एवं कार्य-विशिष्ट माना
(III) भावनात्मक एवं सामाजिक कारकों को संज्ञानात्मक प्रसंस्करण में समाहित किया
(IV) संज्ञानात्मक विकास को सूचना-प्रसंस्करण क्षमता (Processing Capacity) से जोड़ा
70. एक शिक्षक कक्षा में ‘पारस्परिक शिक्षण’ (Reciprocal Teaching) लागू करता है, जहाँ छात्र बारी-बारी से प्रश्नकर्ता, सारांशकर्ता, स्पष्टीकरणकर्ता एवं भविष्यवक्ता की भूमिका निभाते हैं। यह रणनीति किस सिद्धांत पर आधारित है?
71.
अभिकथन [A]: रचनावादी कक्षा में ‘शोर’ एवं ‘अस्पष्टता’ को कभी-कभी सीखने के सकारात्मक लक्षण के रूप में देखा जाता है।
कारण [R]: सक्रिय चर्चा, विचार-विमर्श एवं असहमति संज्ञानात्मक संघर्ष एवं ज्ञान-सहनिर्माण की प्रक्रिया को दर्शाते हैं।
72.
कथन-I: पियाजे के अनुसार, भाषा संज्ञानात्मक संरचनाओं का प्रतिबिंब है, न कि उनका निर्माता।
कथन-II: वैगोत्स्की के अनुसार, भाषा संज्ञानात्मक विकास का प्रमुख मध्यस्थ (Mediator) एवं चालक है।
73. सही जोड़ी बनाइये:
स्तंभ-I (सांस्कृतिक उपकरण)
स्तंभ-II (संज्ञानात्मक कार्य)
(a) भाषा
(I) गणितीय तर्क एवं मात्रात्मक चिंतन का उपकरण
(b) लेखन प्रणाली
(II) स्मृति एवं अमूर्त विचारों का बाह्य भंडार
(c) संख्या प्रणाली
(III) सामाजिक संवाद एवं निजी भाषण का माध्यम
(d) मानचित्र/आरेख
(IV) स्थानिक चिंतन एवं दृश्य-संज्ञान का मॉडल
74. निम्नलिखित में से किन स्थितियों में ‘प्रत्यक्ष निर्देश’ (Direct Instruction), स्केफोल्डिंग या खोज-आधारित शिक्षण से अधिक उपयुक्त हो सकता है?
(I) सुरक्षा-संवेदनशील कौशलों का प्रारंभिक प्रशिक्षण
(II) बुनियादी वर्णमाला एवं गणना के स्वचालित अधिगम
(III) उच्च-स्तरीय रचनात्मक समस्या-समाधान
(IV) नैतिक द्वंद्व पर बहस
75. विज्ञान कक्षा में एक छात्र का मानना है कि “भारी वस्तुएँ हल्की वस्तुओं से तेज़ गिरती हैं क्योंकि उनमें अधिक ‘गिरने की प्रवृत्ति’ होती है।” रचनावादी अध्यापक की प्रतिक्रिया क्या होनी चाहिए?
76.
अभिकथन [A]: वैगोत्स्की का ZPD स्थिर या जन्मजात क्षमता का सूचक नहीं है।
कारण [R]: यह सामाजिक संदर्भ, मध्यस्थता की गुणवत्ता एवं सांस्कृतिक उपकरणों की उपलब्धता के अनुसार गतिशील रूप से विस्तृत या संकुचित हो सकता है।
77.
कथन-I: उग्र रचनावाद (Radical Constructivism) मानता है कि ज्ञान बाह्य वास्तविकता का सीधा प्रतिबिंब नहीं, बल्कि अनुभवों की अनुकूली व्याख्या है।
कथन-II: सामाजिक रचनावाद (Social Constructivism) ज्ञान निर्माण में भाषा, संस्कृति एवं सामाजिक प्रथाओं की प्राथमिक भूमिका पर बल देता है।
78. सही जोड़ी बनाइये:
स्तंभ-I (शिक्षण रणनीति)
स्तंभ-II (सैद्धांतिक प्रवर्तक)
(a) खोज अधिगम (Discovery Learning)
(I) ऑसुबेल: पूर्व ज्ञान से नई जानकारी का संज्ञानात्मक सेतु
(IV) जॉनसन: सकारात्मक आत्मनिर्भरता एवं सामूहिक लक्ष्य
79. सफल ‘स्केफोल्डिंग फेडिंग’ (Scaffolding Fading) के संकेतक कौन-से हैं?
(I) शिक्षार्थी स्वयं समस्या को चरणबद्ध तरीके से विभाजित कर पाता है
(II) निजी भाषण (Private Speech) की आवृत्ति एवं तीव्रता बढ़ती जाती है
(III) शिक्षार्थी त्रुटियों को स्वयं पहचानकर सुधार लेता है
(IV) शिक्षार्थी हमेशा बाह्य पुष्टि की प्रतीक्षा करता है
80.
कथन-I: समकालीन शिक्षाशास्त्र में पियाजे एवं वैगोत्स्की के सिद्धांतों का समन्वय (Synthesis) अधिक प्रभावी माना जाता है।
कथन-II: पियाजे संज्ञानात्मक संरचनाओं के आंतरिक निर्माण पर बल देते हैं, जबकि वैगोत्स्की सामाजिक-सांस्कृतिक मध्यस्थता को प्राथमिकता देते हैं; दोनों मिलकर समग्र अधिगम परिदृश्य प्रस्तुत करते हैं।
81. कक्षा 7 की एक छात्रा वैज्ञानिक प्रयोग में “यदि…तो…” (If-Then) तर्क का उपयोग करती है, परंतु सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करते समय केवल एक पक्ष देख पाती है। पियाजे के सिद्धांत के अनुसार, इस विसंगति की सबसे संभावित व्याख्या क्या है?
82.
अभिकथन [A]: NEP 2020 में ‘खेल-आधारित अधिगम’ (Play-Based Learning) पर बल देना वैगोत्स्की के सिद्धांत का प्रत्यक्ष अनुप्रयोग है।
कारण [R]: वैगोत्स्की के अनुसार, खेल बच्चों को वास्तविकता से ऊपर उठकर नियम-आधारित व्यवहार करने एवं स्व-नियमन विकसित करने का अवसर प्रदान नहीं करता है।
83. सही जोड़ी बनाइये:
स्तंभ-I (अवधारणा)
स्तंभ-II (शैक्षिक अनुप्रयोग)
(a) संज्ञानात्मक संघर्ष
(I) डिजिटल सिमुलेशन एवं स्थानीय भाषा में सामग्री
(b) स्केफोल्डिंग फेडिंग
(II) विषम-समूह चर्चा जहाँ विभिन्न दृष्टिकोण टकराते हैं
(c) आंतरिकीकरण
(III) क्रमिक रूप से सहायता हटाकर स्वतंत्र प्रोजेक्ट देना
(d) सांस्कृतिक उपकरण
(IV) सामूहिक चर्चा के बाद व्यक्तिगत प्रतिबिंब लेखन
84. निम्नलिखित में से कौन-से कथन ‘रचनावादी मूल्यांकन’ की प्रमुख चुनौतियों को सही दर्शाते हैं?
(I) व्यक्तिपरक मूल्यांकन के कारण अंतर-मूल्यांकन विश्वसनीयता (Inter-rater Reliability) कम हो सकती है
(II) बड़ी कक्षाओं में प्रत्येक शिक्षार्थी की प्रक्रिया-आधारित प्रगति का दस्तावेजीकरण समय-साध्य है
(III) यह केवल उच्च-संज्ञानात्मक स्तर के छात्रों के लिए उपयुक्त है
(IV) मानकीकृत परीक्षा प्रणाली के साथ तुलनात्मक डेटा प्रस्तुत करना कठिन है
85.
कथन-I: पियाजे का ‘जीनेटिक एपिस्टेमोलॉजी’ (Genetic Epistemology) ज्ञान की उत्पत्ति एवं विकास की वैज्ञानिक जाँच है।
कथन-II: वैगोत्स्की का ‘सांस्कृतिक-ऐतिहासिक सिद्धांत’ ज्ञान को सामाजिक प्रथाओं एवं ऐतिहासिक संदर्भ में स्थित मानता है।
86. एक अध्यापक कक्षा में ‘समस्या-आधारित अधिगम’ (PBL) लागू करता है। कुछ छात्र निराश होकर कहते हैं, “आप हमें सीधे उत्तर क्यों नहीं बताते?” रचनावादी दृष्टिकोण से अध्यापक की सर्वोत्तम प्रतिक्रिया क्या होगी?
87.
अभिकथन [A]: वैगोत्स्की के सिद्धांत में ‘त्रुटियाँ’ (Errors) सीखने की प्रक्रिया का अभिन्न एवं मूल्यवान हिस्सा हैं।
कारण [R]: त्रुटियाँ संज्ञानात्मक असंतुलन उत्पन्न करती हैं, जो समायोजन एवं गहन अवधारणात्मक पुनर्गठन को प्रेरित करती हैं।
(IV) पियाजे: ठोस अनुभवों से संज्ञानात्मक संरचना निर्माण
89. ‘डिजिटल स्केफोल्डिंग’ (Digital Scaffolding) के प्रभावी उपयोग के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी शर्तें आवश्यक हैं?
(I) तकनीकी उपकरण शिक्षार्थी की ZPD के अनुरूप अनुकूलनशील हों
(II) डिजिटल संकेतन (Prompts) क्रमिक रूप से हटाए जाने योग्य (Fadable) हों
(III) सामग्री स्थानीय सांस्कृतिक संदर्भ एवं भाषा से जुड़ी हो
(IV) तकनीक स्वतः ही सीखने की गारंटी दे, अध्यापक की भूमिका नगण्य हो
90.
कथन-I: पियाजे एवं वैगोत्स्की दोनों ही मानते थे कि बच्चा निष्क्रिय ग्राहक नहीं, बल्कि सक्रिय ज्ञान-निर्माता है।
कथन-II: दोनों ही सिद्धांतकारों के अनुसार, सामाजिक अंत:क्रिया संज्ञानात्मक विकास की एकमात्र चालक है।
91. एक शिक्षक देखता है कि एक छात्र समूह कार्य में हमेशा चुप रहता है, परंतु व्यक्तिगत कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करता है। रचनावादी दृष्टिकोण से शिक्षक की सर्वोत्तम रणनीति क्या होगी?
92.
अभिकथन [A]: रचनावादी कक्षा में ‘प्रश्न पूछना’ (Questioning) ‘उत्तर देना’ से अधिक महत्वपूर्ण कौशल माना जाता है।
कारण [R]: अच्छे प्रश्न संज्ञानात्मक संघर्ष उत्पन्न करते हैं, जिज्ञासा जगाते हैं एवं ज्ञान-निर्माण की प्रक्रिया को गहरा करते हैं।
93. सही मिलान करें:
स्तंभ-I (त्रुटि प्रकार)
स्तंभ-II (संज्ञानात्मक व्याख्या)
(a) अति-सामान्यीकरण (Overgeneralization)
(I) नई योजना का निर्माण आवश्यक (Accommodation)
(b) अवधारणात्मक भ्रम (Misconception)
(II) मौजूदा योजना का अति-प्रयोग (Assimilation Error)
(c) संदर्भ-विशिष्ट त्रुटि
(III) ज्ञान का अपूर्ण आंतरिकीकरण या संदर्भ अंतर
(d) प्रक्रियात्मक त्रुटि
(IV) चरण-विशिष्ट तार्किक सीमा या रणनीति अभाव
94. रचनावादी कक्षा के प्रभावी शिक्षक में निम्नलिखित में से कौन-से कौशल अनिवार्य हैं?
(I) शिक्षार्थी की पूर्व धारणाओं का निदान करने की क्षमता
(II) आकस्मिक प्रश्नोत्तर एवं संकेतन (Contingent Prompting) कौशल
(III) मानकीकृत उत्तर-कुंजी के आधार पर त्वरित मूल्यांकन
(IV) सहयोगात्मक समूह गतिशीलता का प्रबंधन
95.
कथन-I: आधुनिक तंत्रिका-विज्ञान (Neuroscience) शोध पियाजे के चरणबद्ध मॉडल की तुलना में वैगोत्स्की के सामाजिक-मध्यस्थता मॉडल को अधिक समर्थन देते हैं।
कथन-II: मस्तिष्क की प्लास्टिसिटी (Plasticity) सामाजिक अंतःक्रिया एवं सांस्कृतिक उपकरणों से प्रभावित होती है, जो वैगोत्स्की के सिद्धांत से मेल खाती है।
96. एक शिक्षक ‘पोर्टफोलियो मूल्यांकन’ लागू करता है, जहाँ छात्र अपने प्रोजेक्ट, प्रतिबिंब एवं स्व-मूल्यांकन एकत्र करते हैं। यह रचनावादी मूल्यांकन का कौन-सा प्रमुख लाभ दर्शाता है?
97.
अभिकथन [A]: रचनावादी दृष्टिकोण में ‘समय’ एक लचीला संसाधन है, न कि कठोर बाधा।
कारण [R]: ज्ञान-निर्माण की गति शिक्षार्थी-विशिष्ट होती है; अतः पाठ्यक्रम लचीलापन एवं व्यक्तिगत गति की अनुमति देता है।
98. सही मिलान करें:
स्तंभ-I (अंतर्राष्ट्रीय फ्रेमवर्क)
स्तंभ-II (सैद्धांतिक संबंध)
(a) UNESCO का ‘Learning to Be’
(I) रचनावाद: संज्ञानात्मक, सामाजिक, भावनात्मक क्षमताओं का एकीकरण
(b) OECD का ‘DeSeCo’ (Key Competencies)
(II) रचनावाद: ज्ञान निर्माण, बहुभाषिकता, अनुभव-आधारित अधिगम
Yas
sandaar jabrdast contant full mja aagya , aage new qustion djiyega
Yes