छत्तीसगढ़ साहित्यिक क्षेत्र के प्रमुख व्यक्तित्व- हीरालाल काव्योपाध्याय, पं. माधवराव सप्रे, लोचन प्रसाद पाण्डेय, मुकुटधर पाण्डेय, बंशीधर पाण्डेय, गोपाल मिश्र, निरूपमा शर्मा, गजानन माधव मुक्तिबोध, पं. सुंदरलाल शर्मा, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, बाबू रेवाराम, रामदयाल तिवारी, श्रीकांत वर्मा, दानेश्वर शर्मा, पालेश्वर शर्मा, दलपतराम राम, विनय कुमार पाठक, विनोद कुमार शुक्ल, प्यारेलाल गुप्त, नरेन्द्र देव वर्मा, श्यामलाल चतुर्वेदी, नारायण लाल परमार, द्वारिका प्रासाद तिवारी ।
1. हीरालाल काव्योपाध्याय
- जन्म – 1856 ई., राखी (भाठागांव), कुरूद, धमतरी
- यह छत्तीसगढ़ के पाणिनी के नाम से प्रसिद्ध हैं।
- इनके द्वारा सर्वप्रथम – 1890 में प्रकाशित ‘छत्तीसगढ़ी व्याकरण’ ऐसी कृति है, जिसका अनुवाद कर महान भाषा शास्त्री सर जॉर्ज ग्रियर्सन ने जर्नल ऑफ एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल में प्रकाशित कराया।
2. पं. माधव राव सप्रे
- जन्म – 1871 ई., पथरिया ग्राम, दमोह जिला, मध्य प्रदेश
- इन्होंने कहानीकार, निबंधकार, समीक्षक, अनुवादक और संपादक के रूप में अपना योगदान दिया है।
- इन्हें छत्तीसगढ़ में ‘पत्रकारिता के जनक’ कहा जाता है। इन्होंने वर्ष 1900 मे छत्तीसगढ़ के प्रथम समाचार पत्र (मासिक) ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ का पेंड्रारोड (बिलासपुर) से प्रकाशन किया। 1908 ई. में ‘हिन्द केसरी’ का प्रकाशन किया। पं. माधव राव सप्रे जी बालगंगाधर से प्रभावित थे।
- प्रमुख कृति रामचरित्र, एकनाथ चरित्र आदि ।
3. लोचन प्रसाद पाण्डेय
- जन्म – 1887 ई., बालपुर (जांजगीर-चांपा) । छत्तीसगढ़ के प्रथम ‘नाटककार’ लोचन प्रसाद पाण्डेय जी का साहित्य के क्षेत्र मे अतुलनीय योगदान रहा है।
- छत्तीसगढ़ का प्रथम नाटक ‘कलिकाल’ इनकी रचना है। लोचन प्रसाद पाण्डेय को ‘काव्य विनोद’ एवं ‘साहित्य वाचस्पति’ की उपाधियाँ प्राप्त हुई है।
- लोचन प्रसाद पाण्डेय ने 40 से अधिक ग्रंथों की रचना की है, जिनमें प्रमुख है- दो मित्र, माधव मंजरी, कौशल रत्नमाला आदि ।
4. बंशीधर पाण्डेय-
- जन्म – 1892 ई. बालपुर (जांजगीर-चांपा)।
- लोचन प्रसाद पाण्डेय के अनुज एवं पं. मुकुटधर पाण्डेय के अग्रज बंशीधर पाण्डेय जी छत्तीसगढ़ के प्रथम कहानीकार तथा उपन्यास- कार है।
- इनका प्रथम उपन्यास ‘हीरू के कहिनी’ 1926 ई. में प्रका- शित किया गया था, जिसमें तत्कालीन छत्तीसगढ़ी परिवेश का सजीव चित्रण है।
- प्रमुख कृति विश्वास का फल (नाटक), गजेन्द्र मोक्ष (उड़िया गद्य काव्य) आदि ।
5. मुकुटधर पाण्डेय
- जन्म – 1895 ई., बालपुर (जांजगीर-चांपा) छत्तीसगढ़ में
- इन्हे छायावाद काव्य का जनक माना जाता है।
- इन्होने कालिदास द्वारा लिखित ‘मेघदूतम्’ का छत्तीसगढ़ी भाषा मे अनुवाद किया था।
- सन् 1976 मे इन्हें पद्मश्री सम्मान से विभूषित किया गया था।
- रचनाएँ कुररी के प्रति (छायावादी कविता), पूजा के फूल, शैलबाला, मेरा हृदयदान आदि प्रमुख है।
6. गोपाल मिश्र –
- कलचुरिकालीन कवि गोपाल मिश्र कलचुरि शासक राजसिंह के दरबारी कवि थे तथा हिन्दी काव्य परम्परा की दृष्टि से छत्तीसगढ़ के वाल्मिकी कहलाते हैं।
- प्रमुख रचनाएँ – खूब तमाशा, सुदामा चरित, जैमिनी अश्वमेघ । प्रबंध काव्य – भक्ति चिंतामणि, रामप्रताप ( रामप्रताप की रचना इनके पुत्र माखन मिश्र के द्वारा पूर्ण की गई।
7. निरुपमा शर्मा-
- जन्म – 1944 ई., कबीरधाम ।
- निरूपमा शर्मा, छत्तीसगढ़ी भाषा की प्रथम महिला साहित्यकार तथा प्रथम कवियित्री हैं।
- निरूपमा शर्मा को ‘छत्तीसगढ़ की सोनाबाई’ के नाम से जाना जाता है।
- इन्होंने अपनी कविताएँ भक्ति, नीतिपरक नारी उदारता, श्रृंगार और लोक जीवन आदि विषयों पर लिखी हैं।
- इनकी आदर्श कवियित्री का नाम महादेवी वर्मा था।
- कविता संग्रह – पतरेंगी (1968 में प्रकाशित), बूंदों का सागर ।
8. गजानन माधव मुक्तिबोध
- जन्म – 1917 ई., श्योपुर जिला मुरैना, ग्वालियर (मध्यप्रदेश ) ।
- साम्यवादी विचारधारा को स्वीकार करने वाले छायावादी कवि गजानन माधव मुक्तिबोध प्रगतिवादी एवं प्रयोगवादी कवि थे।
- ये हिन्दी साहित्य के प्रमुख कवि, आलोचक, निबंधकार, कहानीकार तथा उपन्यासकार थे।
- ये छत्तीसगढ़ के नीलकंठ के नाम से प्रसिद्ध हैं।
- रचनाएँ – अंधेरे में, ब्रम्हराक्षस, कामायानी एक पुनर्विचार, साहित्य एक डायरी ।
- कविता संग्रह कविता संग्रह – चांद का मुंह टेढ़ा है, भूरी-भूरी खाक धूल, तारस- प्तक । कहानी संग्रह – काठ का सपना, सतह से उठता आदमी ।
9. पदुमलाल पुन्नालाल बरख्शी
- जन्म – 1894 ई., खैरागढ़ (राजनांदगांव)।
- प्रमुख रचनाएँ – क्या लिखूँ, पंचपात्र, प्रबंध परिजात आदि ।
- कहानियाँ – प्रायश्चित, झलमला, कारी, अश्रुदल आदि ।
10. बाबू रेवाराम
- जन्म – 1812, रतनपुर ।
- उत्तररीति कालीन काव्यधारा को छत्तीसगढ़ में प्रवाहित करने वाले संस्कृत के महाकवि बाबू रेवाराम रतनपुरिहा गम्मत व रहस के प्रणेता माने जाते हैं।
- ये ब्रिटिशकालीन साहित्यकार, इतिहासकार, महाकवि, धर्मसाधक, ज्योतिषाचार्य व खगोलवेत्ता आदि थे।
- इन्हें सम्मान से ‘बाबूजी’ कहा जाता था। इन्होंने दो महाकाव्यों सहित 13 ग्रंथों की रचना की है।
- प्रमुख रचनाएँ – तारीख-ए-हैह्यवंशीय राजाओं की, रतनपुर का इतिहास, माता के भजन, विक्रम विलास, सार रामायण, दीपिका ।
11. रामदयाल तिवारी
- जन्म – 1892 ई., रायपुर ।
- इन्हे ‘छत्तीसगढ़ के विद्यासागर’ कहा जाता है।
- गाँधीवादी विचारधारा से प्रभावित थे।
- इन्होने साकेत व यशोधरा जैसी राष्ट्रीय रचना की समीक्षा की थी जिससे प्रभावित होकर इन्हें ‘समर्थ समालोचक’ की उपाधि से विभूषित किया गया था।
- प्रमुख रचनाएँ – गाँधी मीमांसा (1936), गाँधी एक्सरेड (अंग्रेजी में लिखित), हमारे नेता व स्वराज्य प्रश्नोत्तरी (बाल साहित्य) ।
12. श्रीकांत वर्मा
- जन्म – 1931 ई., बिलासपुर ।
- ये गीतकार, कथाकार तथा समीक्षक के रूप में जाने जाते हैं।
- छत्तीसगढ़ के साहित्य के क्षेत्र में इनका विशेष योगदान है।
- इनकी कविता संग्रह ‘मगध’ को साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान किया गया था।
- यह राज्यसभा सदस्य भी रह चुके हैं। प्रमुख रचनाएँ – माया दर्पण, झाड़ी, जलसाघर, भटका मेघ व मगध आदि ।
- प्राप्त सम्मान मध्यप्रदेश सरकार द्वारा साहित्य मे विशेष योगदान हेतु ‘विशेष सम्मान – 1973’, शिखर सम्मान – 1980, कुमार हसन
- राष्ट्रीय पुरस्कार- 1984, इंडिया प्रियदर्शिनी पुरस्कार – 1985 आदि ।
13. दानेश्वर शर्मा-
- जन्म – 1931 ई., ग्राम टेडेसरा, दुर्ग जिला (छत्तीसगढ़)।
- ये श्रीमद् भागवत महापुराण तथा देवी पुराण के अच्छे प्रवचनकार थे ।
- प्रमुख रचनाएँ – बेटी के बिदा (1966 ई.), लव-कुश, हर मौसम
14. पालेश्वर शर्मा
- जन्म – 1928 ई., जांजगीर ।
- साहित्यिक योगदान हेतु महंत बिसाहूदास स्मृति द्वारा छत्तीसगढ़ अस्मिता सम्मान, अखिल भारतीय लोककथा पुरस्कार, भारतेंदु साहित्य समिति बिलासपुर, छत्तीसगढ़ साहित्य समिति रायपुर आदि से सम्मानित ।
- प्रमुख रचनाएँ- सुसक झन कुररी सुरता ले (कहानी), तिरिया जनम झनि टेय, गुडी के गोठ (उपन्यास) ।
15. दलराम राव
- जन्म – 1820 ई., सुरेन्द्रनगर जिला, गुजरात ।
- ये खैरागढ़ के राजा लक्ष्मीनिधि के चारण कवि थे।
- इन्होंने छत्तीसगढ़ शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किया था।
16. विनय कुमार पाठक
- जन्म – 11 जून 1942, बिलासपुर · ये छत्तीसगढ़ के प्रथम समीक्षाकार है।
- रचनाएँ धान का कटोरा (पत्रिका), एक रूख एकेच साखा (निबंध), – छत्तीसगढ़ी (कहानी), छत्तीसगढ़ी साहित्य अऊ साहित्यकार ।
- सम्मान – लोकभाषा शिखर सम्मान (1998 ई.), राष्ट्रीय अर्चना सम्मान (1999 ई.), हिन्दी ग्रंथ अकादमी हैदराबाद की ओर से ‘शब्द सम्राट’ सम्मान, सम्पादक रत्न (1993 ई.) आदि सम्मानो से अलंकरित है।
17. विनोद कुमार शुक्ल
- जन्म – 1 जनवरी 1937, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ ।
- ये प्रथम पंडित सुन्दरलाल शर्मा पुरस्कार प्राप्तकर्ता (2000) हैं। प्रमुख रचनाएँ – दीवार में एक खिड़की रहती थी, वह आदमी चला गया, नौकर की कमीज, लगभग, जयहिंद, खिलेगा तो देखेंगे।
- प्रमुख सम्मान मध्यप्रदेश शिखर सम्मान (1995), मैथिलीशरण गुप्त राष्ट्रीय सम्मान (1996), सृजन भारती सम्मान (1992) ।
18. प्यारेलाल गुप्त-
- जन्म – 1891, रतनपुर ।
- प्रमुख रचनाएँ – फ्रांस के राज्य क्रांति का इतिहास, ग्रीस का सुधार, प्राचीन छत्तीसगढ़, पुष्पलता ।
- अन्य रचनाएँ – लवंगलता, धान के लुआई, गाँव मं फूल घलो गोठिया थे।
19. नरेन्द्र देव वर्मा
- जन्म – 4 नवंबर 1939, सेवाग्राम वर्धा
- ये कवि, नाटककार, उपन्यासकार, कथाकार, समीक्षक एवं भाषाविद् थे।
- प्रमुख रचनाएँ – अपूर्वा, सुबह की तलाश, सोनहा बिहान, ढोलामारू, मोला गुरु बनई लेते।
यदि आपका कोई सवाल है निचे कमेन्ट करे और टेलीग्राम व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करें | आवेदन करने से पहले एक विभागीय विज्ञापन का अवलोकन अच्छे से करे फिर आवेदन करे |








